ब्रह्मर्षि आचार्य उपेंद्र जी
एक क्रान्तिकारी महानायक एवं आध्यात्मिक सद्गुरु, जो भारत के स्वर्णकाल की पुनर्स्थापना हेतु निरन्तर प्रयासरत, कार्यरत, युग प्रवर्तक हैं

Acharya Upendra Ji Spiritually Enlightened Master Revolutionary Leader
  • अंतर योग के संस्थापक, आचार्य उपेंद्रजी एक कैवल्य अवस्था प्राप्त, जीवन्मुक्त आध्यात्मिक सद्गुरु हैं।

  • असीम ज्ञान के स्रोत।

  • अद्वैत वेदान्त के जीवित आदर्श।

  • सन् २००५ से, भारत को विश्वगुरु और महाशक्ति बनाने के महान लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निःस्वार्थ भाव से निरन्तर प्रयासरत।

  • श्रीविद्या सिद्धि प्राप्त गुरु।

  • निःस्वार्थ प्रेम का मूर्तिमान उदाहरण।

  • तन्त्रविद्या में निपुण आचार्य उपेंद्रजी ने गहन ध्यान और तपस्या के माध्यम से अनेक शक्तिशाली एवं प्रभावी साधनाओं की रचना की है।

Acharya Upendra Ji Spiritually Enlightened Master Revolutionary Leader
  • आचार्य उपेंद्रजी को अनेक दुर्लभ सिद्धियां एवं योग शक्ति प्राप्त है, जैसे – उपचार शक्ति, वाक सिद्धि (वचनों को सत्य में परिवर्तित करने की क्षमता), संकल्प सिद्धि, श्री विद्या सिद्धि, आदि अनेक दिव्य सिद्धियां, जिनके माध्यम से वे विश्व भर में असंख्य लोगों के जीवन को परिवर्तित कर रहे हैं।

  • एक दुर्लभ गुरु, जो योग की चारों शाखाओं – कर्म, भक्ति, ज्ञान और ध्यान – का सम्पूर्ण ज्ञान प्रदान करते हैं। यही कारण है कि सभी साधक बड़ी सहजता से 'अंतर योग जीवनशैली' से संलग्न होते हैं |

  • एक महानायक, जो प्रत्येक व्यक्ति के भीतर छिपी असीम क्षमता को जागृत करते हैं।

  • अनेक साधक आचार्य जी के दिव्य आभामण्डल में भगवान की असीम शक्ति, निर्मल प्रेम और समय एवं भावनाओं से परे की स्थिति का अनुभव करते हैं।

  • लाखों साधक अपने अनुभवों में बताते हैं कि आचार्य जी की दिव्य उपस्थिति मात्र से सभी शंकाओं का निवारण होता है और नकारात्मक गुण सद्गुणों में परिवर्तित हो जाते हैं।

दृष्टिकोण

अंतर योग - देश के अद्भुत परिवर्तन का केन्द्र

Antar Yog

Our Vision

  • प्राचीन शास्त्रों के शाश्वत ज्ञान को पुनर्जीवित करना।

  • प्राचीन वर्ण व्यवस्था को पुनर्स्थापित करना और भारतीय नागरिकों को जातिव्यवस्था से मुक्त करके महान नेताओं के रूप में स्थापित करना।

  • विश्व शान्ति और सौहार्द्र की भावना प्रतिष्ठापित करना।

  • गुरुकुल प्रणाली को पुनः प्रतिष्ठापित करना, ताकि महान नेताओं का निर्माण हो सके, जो दृढ़ मूल्यों से परिपूर्ण हों और पारम्परिक गुरु-शिष्य तथा राजा-प्रजा परम्पराओं का पुनरुद्धार हो सके।

  • एक गतिशील, ऊर्जावान, दृढ़ इच्छाशक्ति वाली और शक्तिशाली युवा पीढ़ी का निर्माण करना।

  • महिलाओं को वेदान्त का ज्ञान देकर उन्हें सक्षम बनाना, ताकि वे आत्मनिर्भर, स्वतन्त्र और करुणामय व्यक्तित्व बन सकें।

  • नागरिकों को ब्रह्मचर्य के मार्ग पर प्रेरित करना।

  • एक स्वस्थ और आनन्दी भारत की स्थापना के लिए, हमारी प्राचीन समग्र और योगिक चिकित्सा पद्धतियों तथा वैकल्पिक औषधि प्रणालियों को पुनर्जीवित करना और प्रसार करना।

  • प्रत्येक किसान की कृषि उत्पादन में वृद्धि हेतु योगिक खेती प्रविधि का प्रचार करना।

  • आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर व्यक्तियों का निर्माण करना, जो हमारे राष्ट्र के लिए एक बड़े उद्देश्य की ओर प्रयासरत, संघर्ष करने और बलिदान देने के लिए तैयार हों।

  • पर्यावरणीय सन्तुलन के लिए वन्यजीवों का संवर्धन।

Many spiritual leaders are extending their support and blessings to Acharya Upendra Ji and are confident that Antar Yog will play a crucial role in this revolutionary transformation.
परिवर्तन के अध्याय

अंतर योग द्वारा भारत के पुनरुत्थान के उन्नीस मार्ग

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स्वर्ण युग

ब्रह्मर्षि आचार्य उपेंद्रजी - एक क्रान्तिकारी महानायक एवं आध्यात्मिक सद्गुरु, जो भारत के सुवर्णकाल की पुनर्स्थापित करने हेतु निरन्तर प्रयासरत, कार्यरत, युग प्रवर्तक हैं

  • आचार्य जी हमारे राष्ट्र के प्रकाशस्तम्भ हैं और लाखों लोगों को विपरीत परिस्थितियों का साहसपूर्वक सामना करने के लिए प्रेरित करते हैं।

  • अंतर योग दुर्गा सप्तशती तन्त्रोक्त बीज मन्त्र साधना की रचना की।

  • लाखों साधकों को आन्तरिक शान्ति प्राप्त करने और महान लक्ष्यों की ओर जीवन जीने के लिए मार्गदर्शन करते हैं।

  • गणेश विद्या, संकल्प सिद्धि, पितृ ऋण मुक्ति, आत्म उपचार तन्त्र, कौटिल्य का अर्थशास्त्र, चाणक्य नीति, विभिन्न उपनिषद, कई पुराण और विभिन्न गीताएँ आदि प्राचीन ग्रन्थों को पुनर्जीवित किया है, जो विश्व कल्याण के लिए समर्पित है।

  • आचार्य जी की अटल देशभक्ति आयु, धर्म और आर्थिक पृष्ठभूमि की सभी बाधाओं को पार कर लाखों नागरिकों में देशभक्ति की भावना पुनर्जीवित कर रही है।

  • हमारे देश के युवाओं को भविष्य के नेता बनने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करते हुए भारत के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।

  • आचार्य जी के विचार उत्तेजक प्रवचन साधकों को घण्टों तक जोड़कर रखते हैं, परिणामस्वरूप उनमे त्वरित सकारात्मक परिवर्तन होते है।

  • आचार्य जी अध्यात्म को संवादात्मक शिक्षण विधियों और सरल व प्रासंगिक उदाहरणों के माध्यम से सिखाते हैं, जिससे सभी आयु वर्ग के साधक एक ही कक्षा में आनन्दपूर्वक वेदान्त का अध्ययन कर पाते हैं।

  • लाखों नागरिकों, विशेषतः युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत कर, राष्ट्रीय गर्व की भावना को सुदृढ़ करना।

  • मानवता के उत्थान की तीव्र इच्छा से प्रेरित होकर, आचार्य जी यथाशक्ति दक्षिणा (अपनी वास्तविक आय क्षमता के अनुसार) के सिद्धान्त पर आधारित दीर्घकालिक शिविर निःस्वार्थ रूप से आयोजित करते हैं।

  • आचार्य जी का कार्य उनकी सर्वशक्तिमान, असीम उदार भावना और विनम्रता का प्रमाण है।

  • युवाओं, वैज्ञानिकों, धार्मिक या धर्मनिरपेक्ष, सामान्य जनों, विभिन्न समाजों और नास्तिकों को उनके 'नर से नारायण' की यात्रा में प्रगति करने में सहायता करते हैं।

  • आचार्य जी का जीवन अनगिनत साधकों के लिए शुद्ध प्रेम, ज्ञान और कर्मयोग का एक जीवित उदाहरण है।

गुरुकुल

अंतर योग - भारत के अद्भुत परिवर्तन का केंद्र

मुम्बई शहर के हृदय में स्थित एक अत्याधुनिक गुरुकुल।